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टॉप 10 कोरोना प्रभावित देश

दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है। कोरोना वायरस से संक्रमितों की कुल संख्या 35 लाख से ज़्यादा हो गई है। दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना के कहर से लगातार जूझ रही है। इस वायरस की चपेट में आकर दुनिया भर में अब तक 3.45 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। आइए जानते हैं टॉप 10 कोरोना प्रभावित देशों के बारे में -


-Maswood Ahmed
Amity University
Kolakata

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दुनिया के टॉप 10 सबसे अमीर क्रिकेटर

पूरी दुनिया में क्रिकेट का क्रेज़ छाया हुआ है। हम सभी जानते है कि भारत का सबसे लोकप्रिय खेल क्रिकेट है जिसे

विष्णु भक्त नारद मुनि

भगवान विष्णु के परम भक्त नारद ब्रह्मा जी के पुत्र हैं। उन्होंने भगवान विष्णु की भक्ति और तपस्या की। नारद जी पर देवी सरस्वती की भी कृपा थी। उन्हें हर तरह की विद्या में महारत हासिल थी।

पर्शियन रामायण की विरासत पर अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न

"रामायण की सचित्र पर्शियन मैन्युस्क्रिप्ट्स" विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ लवकुश द्विवेदी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित "रामायण की सचित्र पर्शियन मैन्युस्क्रिप्ट्स" विषय पर इंडोलोजी फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मलेशिया से डॉ रामिन, ईरान से डॉ आमिर तथा मारिशस से शैलेन रामकिसुन शामिल हुए। भारत से पुरातत्वविद डॉ बीआर मणि एवं कला इतिहास के मर्मज्ञ प्रो दीनबंधु पांडेय समीक्षा पैनल में शामिल रहें।  

कोरोना से जुड़े अहम सवाल

आंकड़ों को दर्ज करने के मामले में भारतीय स्वास्थ्य प्रबंधन तंत्र कभी अच्छा नहीं रहा। बीमारियों के मामलों को दर्ज करने में पूर्वाग्रह की स्थिति रही है। यह स्थिति कोविड-19 महामारी में भी जारी है। उदाहरण के तौर पर तेलंगाना में छह डॉक्टर ने लिखा कि कैसे राज्य के कुल आंकड़ों में कोविड 19 से होनेवाली मौतों का जिक्र नहीं किया जा रहा है।

झारखंड का आदिवासी समाज और भूमि का उत्तराधिकार!

यूं तो झारखंड के आदिवासी समाज में औरतों की स्थिति, अन्य समाज की स्त्रियो की तुलना में पुरुष से संपत्ति के अधिकार की हो, तो ये उन सारी महिलाओं से पिछडी है जो अन्य क्षेत्रों में इनका अनुकरण करती है। आपको यह जानकर विस्मय होगा कि राज्य के जनजातीय समाज में महिलाओं को अचल संपत्ति में कोई वंशानुक्रम का अधिकार नहीं दिया जाता है। वर्तमान युग में, जब लैंगिक समानता का विषय विश्व भर में जोरों से चर्चा में है, यह अति अफसोसनाक है कि प्रदेश की आदिवासी महिलाओं को प्रथागत कानून के तहत भूमि के उत्तराधिकार से वंचित रखा गया है। छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम, 1908 कि धारा 7 एवं 8 में इस बात का उल्लेख है कि आदिवासी समाज में जमीन का उत्तराधिकार सिर्फ पुरुष वंश में ही किया जा सकता है। अर्थात, समाज की औरतों को इसका कतई अधिकार नहीं। हालांकि अधिनियम कि एक अन्य धारा पर गौर किया जाय तो यह मालूम होता  है कि यादि आदिवासी समाज में भूमि का हस्तांतरण, भेंट अथवा विनिमय किया जाना हो तो इसके लिए वंशानुगत पुरूष अथवा ‘अन्य ‘ योग्य है। जहां एक तरफ संथालपरगना के इलाके में ‘तानसेन जोम’ की परंपरा हैं, वही दूसरी तरफ संथालपरगना का