प्रधानमंत्री मोदी ने नागपुर रेलवे स्टेशन से वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 दिसंबर को नागपुर रेलवे स्टेशन से नागपुर और बिलासपुर को जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रधानमंत्री ने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बों का निरीक्षण किया और ऑनबोर्ड सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने नागपुर और अजनी रेलवे स्टेशनों की विकास योजनाओं का भी जायजा लिया।

ट्रेन की शुरूआत से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यात्रा का एक आरामदायक और तेज माध्यम उपलब्ध होगा। नागपुर से बिलासपुर की यात्रा में लगने वाला समय घटकर 5 घंटे 30 मिनट हो जाएगा। यह देश में शुरू की जाने वाली छठी वंदे भारत ट्रेन होगी और पहले की तुलना में उन्नत है, जो बहुत हल्की है और कम अवधि में उच्च गति तक पहुंचने में सक्षम है। वंदे भारत 2.0 अधिक उन्नत और बेहतर सुविधाओं से लैस है। यह केवल 52 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति और 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति तक पहुंच सकती है।


इसमें वाई-फाई कंटेंट ऑन डिमांड सुविधा भी होगी। यात्रियों को सूचना प्रदान करने एवं उनके मनोरंजन के लिए प्रत्येक कोच में 32” स्क्रीन लगी हैं, जबकि पिछली वंदे भारत एक्सप्रेस में 24” की स्क्रीन लगी थी। वंदे भारत एक्सप्रेस भी पर्यावरण के अनुकूल होगी, क्योंकि एसी 15 प्रतिशत अधिक ऊर्जा की बचत करेगा। ट्रैक्शन मोटर की धूल रहित स्वच्छ एयर कूलिंग के साथ, यात्रा अधिक आरामदायक हो जाएगी। पहले केवल एक्जीक्यूटिव श्रेणी के यात्रियों को दी जाने वाली साइड रिक्लाइनर सीट की सुविधा अब सभी श्रेणियों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। एक्जीक्यूटिव कोच में 180 डिग्री घूमने वाली सीटें इसकी अन्य विशेषताओं में शामिल है।

वंदे भारत एक्सप्रेस के नए डिजाइन में एयर प्यूरिफिकेशन के लिए रूफ-माउंटेड पैकेज यूनिट (आरएमपीयू) में फोटो-कैटेलिटिक अल्ट्रावॉयलेट एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम लगाया गया है। केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (सीएसआईओ), चंडीगढ़ द्वारा की गई अनुशंसा के अनुसार, इस प्रणाली को आरएमपीयू के दोनों सिरों पर डिजाइन और स्थापित किया गया है, ताकि ताजी हवा और वापसी हवा के माध्यम से आने वाले कीटाणुओं, बैक्टीरिया, वायरस आदि से मुक्त हवा को फिल्टर और साफ किया जा सके।


वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 विभिन्न बेहतर और विमान जैसी यात्रा का अनुभव प्रदान करता है। यह स्वदेशी रूप से विकसित ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली - कवच सहित उन्नत अत्याधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से सुसज्जित है।


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