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पर्शियन रामायण की विरासत पर अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न

"रामायण की सचित्र पर्शियन मैन्युस्क्रिप्ट्स" विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ लवकुश द्विवेदी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित "रामायण की सचित्र पर्शियन मैन्युस्क्रिप्ट्स" विषय पर इंडोलोजी फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मलेशिया से डॉ रामिन, ईरान से डॉ आमिर तथा मारिशस से शैलेन रामकिसुन शामिल हुए। भारत से पुरातत्वविद डॉ बीआर मणि एवं कला इतिहास के मर्मज्ञ प्रो दीनबंधु पांडेय समीक्षा पैनल में शामिल रहें।  
कार्यक्रम की शुरुआत में संचालक ललित मिश्र ने भारत के संस्कृत राम एवं सुदूर पर्सिया अरब एवं इजरायल तक उनके कुलीन परिवारों में लोकप्रिय रामिन की पारसांस्कृतिक समरूपता पर प्रकाश डाला, सभी अतिथि विद्वानों का परिचय वरिष्ठ टीवी जर्नलिस्ट एवं प्रोड्यूसर प्रवीण मिश्र ने दिया जिसके पश्चात डॉ रामिन ने अपने प्रजेंटेशन की शुरुआत भारतीय परंपरा के अनुरूप दीप प्रज्वलन की स्लाइड के साथ की ।

उन्होंने पर्सिया एवं भारत कि सांस्कृतिक अन्तर्धारा को रेखांकित करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की ईरान यात्रा के दौरान राष्ट्रपति हसन रौहानी ने उन्हें पर्सियन रामायण की प्रति उपहार में प्रदान की थी।  

उन्होंने कहा कि अकबर ही नहीं अपितु उनकी मां हमीदा बानो बेगम, रहीम खाने खाना ने भी रामायण का सचित्र पर्सियन अनुवाद करवाया था जो अलग-अलग लाइब्रेरियों में सुरक्षित है। हमीदा बानो बेगम की रामायण में 56 चित्र तथा अकबर की रामायण में 130 चित्र हैं, इस तरह से अब तक रामायण के  सभी चौबीस पर्सियन अनुवाद की बारीक समीक्षा उन्होंने प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि अकबर ने चौबीस हजार संस्कृत की पांडुलिपियां एकत्रित की थी।

ईरान के सुपरसिद्ध कला इतिहासविद एवं इण्डोलाजिस्ट डॉ आमिर जेक्रगू ने स्वयं को ईरानी-भारतीय के रूप में प्रस्तुत करते हुए बताया कि वे पर्सियन रामायण की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एक हजार पृष्ठों की सचित्र रामायण निर्मित किया है जो कि प्रकाशन की प्रक्रिया में है। मारीशस से शामिल शैलेन रामकिसुन ने मारीशस की रामलीलाओं के आयोजन का पक्ष रखा।

कार्यक्रम का सिंहावलोकन करते हुए डॉ बीआर मणि ने कहा कि अकबर ने समय की आवश्यकता के अनुसार पर्सियन अनुवाद का सराहनीय कार्य किया, वहीं प्रो दीनबंध पांडेय ने समस्त स्रोतों का प्रयोग करते हुए रामायण के वैश्विक स्वरूप की स्थापना पर बल दिया।






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