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घर में रखने योग्य मूर्तियां...

हिंदू धर्म के अनुसार घर में सभी देवी-देवताओं के लिए एक अलग से ही स्थान बनाया जाता है। हिंदू धर्म में जैसे-जैसे देवताओं के लिए स्थान बता रखे हैं लोगों ने वैसे ही अपने घरों में देवताओं को स्थापित किया है आप सभी के घर में ही देवी-देवताओं का मंदिर तो जरूर होगा । सबसे पहले आपको बता दें कि घर के मंदिर को हमेशा ही

साफ रखना चाहिए। मंदिर में किसी भी तरह की खंडित मूर्ति रखें ऐसे देवी देवताओं के बारे में बताएंगे जिनकी पूजा घर पर नहीं होनी चाहिए।

1. भैरव देव:  भैरव देव भगवान शिव के 1 अवतार है दोस्तों भैरव देव की मूर्ति कभी भी अपने घर के मंदिर में नहीं रखनी चाहिए अब आप बोलेंगे कि ऐसा क्यों है ऐसा इसलिए है क्योंकि भैरव तंत्र विद्या के देवता माने जाते हैं । भैरव देव की पूजा करनी चाहिए परंतु घर के अंदर ऐसा नहीं करना चाहिए घर के अंदर की पूजा की जाती है घर में होती है और वह घर बरबादी की ओर जाता हैं।

2. नटराज: कुछ  लोग ऐसे होंगे जो नटराज जी की मूर्ति को घर में रखते होंगे नटराज की मूर्ति देखने में तो बहुत सुंदर लगती है मूर्ति भगवान शिव के रौद्र रूप है। नटराज की मूर्ति को आप भूल कर भी घर के अंदर ना रखें क्योंकि नटराज भगवान शिव के रौद्र रूप में है यानी भगवान शिव के क्रोधित रूप में हम मनुष्य में इतना साहस नहीं है कि हम भगवान भोलेनाथ के क्रोध को खेल सके इसलिए नटराज की मूर्ति को आप भूल कर भी घर में ना रखें । मूर्ति को घर में लाने से हमेशा आशंती आती  हैं सभी को गुस्सा आता है और बहुत बड़े बड़े झगड़े घर पर हो जाते हैं। इसलिए शिव के रौद्र रूप को आप घर में बिल्कुल भी ना रखें हम ऐसा नहीं बोल रहे हैं कि इनकी पूजा आप ना करें बल्कि हम ऐ रहे हैं कि इनको घर के अंदर ना रखे।

3. राहु केतु:  घर में राहु और केतु की मूर्ति को रखना अशुभ माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार शनि राहु और केतु को अधिक क्रियाशील ग्रह माना गया है हालांकि शनि को न्याय के देवता माने जाते हैं लेकिन राहू और केतु ग्रह है। यदि आप इन तीनों की पूजा घर में करने की सोच रहे हैं तो आप अपने घर में अशांति को निमंत्रण दे रहे हैं ।इनकी पूजा से कष्ट दूर होता है परंतु वास्तु के अनुसार घर में इनकी पूजा करने की मनाही है घर के बाहर आप इनकी पूजा कर सकते हैं। घर के अंदर इनके पूजा करने से तमोघुढ़ आता है, इससे अनहोनी घटना होने लगती है  जो कि हमारे जीवन को अस्त-व्यस्त कर देती है और हमारा हर कार्य बनता बनता शुरू हो जाता है। इसलिए इस बात का आपको विशेष ध्यान रखना है कि राहु और केतु की मूर्ति को आप घर पर ना रखें और इसके साथ ही शनि देव की मूर्ति पूजा कर सकते हैं लेकिन घर के बाहर घर के अंदर नहीं।

4. चौथी मूर्ति कि हम घर में देवी देवताओं की मूर्ति करती हैं शेर की सवारी करते हैं । शेर की सवारी करते हैं यह अच्छी बात है लेकिन उस शेर का मुंह खुला हो तो यह आपके लिए खतरनाक सिद्ध हो सकता है। अधिकतर मूर्तियों में आपने देखा होगा कि माता  शेर पर सवार होती हैं तथा उस समय माता क्रोधित रूप में होती हैं तथा माता का सिंह  राक्षस का वध कर रहा होता है और उसका मुंह खुला होता है और माता का यह रुद्र रूप होता है।

-प्रेरणा यादव,
एमिटी यूनिवर्सिटी कोलकाता

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