Skip to main content

चक्रवात के दौरान क्या करें और क्या ना करें

अत्यंत विशाल चक्रवात “अम्फान” सोमवार, 18 मई को महाचक्रवात में बदल गया। दो दशक में बंगाल की खाड़ी में यह ऐसा दूसरा प्रचंड चक्रवाती तूफान है। चक्रवात उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी के तरफ बढ़ सकता है। यह 20 मई को दीघा और हटिया द्वीप  के बीच पश्चिम बंगाल और बांग्लादेशी तटों को पार करेगा।
250 किलोमीटर की स्पीड से बंगाल की ओर बढ़ रहा है। इस बारे में मौसम विभाग की मानें तो यह कोलकाता में  20 मई की दोपहर या शाम तक आ जाएगा।

चक्रवात के पहले की सतर्कता:

1.    अफवाहों पर ध्यान ना दें, शांत रहिए ,आतंकित मत होइए।
2.    अपने मोबाइल फोन को फुल चार्ज रखें।
3.    रेडियो टीवी और अखबार से मौसम की खबरों पर ध्यान दें।
4.    जरूरी दस्तावेज को मूल्यवान सामग्रियों को पानी से बचा कर रखें।
5.    आपातकालीन जरूरत के लिए अतिआवश्यक सामग्री खाना, दवा, जल और पोशाक को तैयार रखें।
6.    अपने घर को सुरक्षित रखें, कोई भी धारदार समान खुला न रखें।
7.    सुरक्षा के लिए पालतू जानवरों को बांधकर ना रखें।
8.    मछुआरे समुद्र में ना जाए।
9.    मछुआरे अपनी नाव को सुरक्षित स्थान पर रखें।

घर के बाहर रहने पर चक्रवात के दौरान बचने के उपाय:
1.    क्षतिग्रस्त घरों में ना जाए।
2.    क्षतिग्रस्त बिजली के खंभे , तार और धारदार सामानों से दूर रहे।
3.    जितना जल्द संभव हो पक्का मकान या सुरक्षित आश्रय ढूंढ ले।


चक्रवात के दौरान घर मैं सुरक्षा :
1.    बिजली और गैस की लाइनों को बंद करें।
2.    दरवाजों और खिड़कियों को बंद रखें।
3.    कच्चा घर या क्षतिग्रस्त पक्का मकान में ना रहे।
4.    यदि आपका घर सुरक्षित नहीं है तो चक्रवात के पहले चक्रवात आश्रय केंद्र या नजदीकी सुरक्षित पक्के मकान में आश्रय लें।
5.    रेडियो, टीवी और अखबारों में मौसम संबंधी खबरों पर नजर रखें।

-प्रेरणा यादव

Comments

Post a Comment

Most Popular

कोरोना से जुड़े अहम सवाल

आंकड़ों को दर्ज करने के मामले में भारतीय स्वास्थ्य प्रबंधन तंत्र कभी अच्छा नहीं रहा। बीमारियों के मामलों को दर्ज करने में पूर्वाग्रह की स्थिति रही है। यह स्थिति कोविड-19 महामारी में भी जारी है। उदाहरण के तौर पर तेलंगाना में छह डॉक्टर ने लिखा कि कैसे राज्य के कुल आंकड़ों में कोविड 19 से होनेवाली मौतों का जिक्र नहीं किया जा रहा है।

विष्णु भक्त नारद मुनि

भगवान विष्णु के परम भक्त नारद ब्रह्मा जी के पुत्र हैं। उन्होंने भगवान विष्णु की भक्ति और तपस्या की। नारद जी पर देवी सरस्वती की भी कृपा थी। उन्हें हर तरह की विद्या में महारत हासिल थी।

प्रकृति का सुहाना मोड़

सड़कों पर सन्नाटा, दफ्तरों, कारखानों और सावर्जनिक स्थानों पर पड़े ताले से भले ही मानव जीवन में ठहराव आ गया है, लेकिन लॉकडाउन के बीच प्रकृति एक नयी ताजगी महसूस कर रही है। हवा, पानी और वातावरण साफ हो रहे हैं। हम इंसानों के लिए कुछ समय पहले तक ये एक सपने जैसा था। इन दिनों प्रकृति की एक अलग ही खूबसूरती देखने को मिल रही हैं जो वर्षों पहले दिखाई देती थी।

ना धर्म देखा ना उम्र देखा, ना अमीर देखा और ना ही गरीब!

कोरोना महामारी से एक बात तो साफ हो गई कि प्रकृति ही सबसे बड़ा धर्म है। इसने किसी भी धर्म को अनदेखा नहीं किया और सब पर बराबर की मार की है। चाहे वह किसी भी धर्म का हो, अमीर हो या गरीब, कोरोना ने किसी को नहीं छोड़ा।

हॉलीवुड की टॉप 10 हॉरर मूवी

क्या आप को हॉरर फिल्में देखना बहुत पसंद हैं? और अगर वो हॉरर फिल्म अगर किसी सच्ची कहानी से प्रेरित हो