ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल 2026: नौ देशों की रंग परंपराएं एक मंच पर
नई दिल्ली में 12 से 14 अक्टूबर 2026 तक ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल 2026 का आयोजन किया जाएगा। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत संस्कृति मंत्रालय की मेजबानी में होने वाले इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में भारत समेत नौ देशों की थिएटर परंपराएं एक मंच पर नजर आएंगी। फेस्टिवल में थिएटर
प्रैक्टिशनर, स्कॉलर्स, स्टूडेंट्स और दर्शक हिस्सा लेंगे, जबकि ब्रिक्स सदस्य और पार्टनर देशों से 100 से ज्यादा कला-प्रेमियों के शामिल होने की बात कही गई है। इस साल फेस्टिवल की थीम ‘हमारी कहानियां, हमारा भविष्य’ रखी गई है।फेस्टिवल का उद्घाटन 12 अक्टूबर को नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) परिसर में होगा। इसके बाद नई दिल्ली के कई प्रमुख प्रेक्षागृहों में नाट्य प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें NSD के अभिमंच ऑडिटोरियम और सम्मुख सभागार के साथ कमानी सभागार, एलटीजी सभागार और मेघदूत थिएटर शामिल हैं। भारत के अलावा थाईलैंड, इंडोनेशिया, रूस, वियतनाम, ईरान, दक्षिण अफ्रीका, कज़ाकिस्तान और इथियोपिया की थिएटर प्रस्तुतियां इस महोत्सव का हिस्सा होंगी। दर्शकों के लिए टिकट BookMyShow पर 200 रुपये प्रति टिकट की कीमत पर उपलब्ध होंगे।
फेस्टिवल में अलग-अलग देशों के नेशनल थिएटर स्कूल और प्रमुख थिएटर संस्थान हिस्सा लेंगे। रूस की ओर से उसके ‘नेशनल इंस्टीट्यूट’ और ‘नेशनल कल्चरल इंस्टीट्यूट’ के दो समूह प्रस्तुतियां देंगे। आयोजन का फोकस सिर्फ मंच पर नाटक दिखाने तक सीमित नहीं रहेगा। हर थिएटर परफॉर्मेंस के बाद इंटरैक्टिव थिएटर वर्कशॉप और डिस्कशन सेशन होंगे, जिनमें निर्देशक, कलाकार और क्रू सदस्य प्रस्तुति के आर्टिस्टिक विजन, थीम, एक्टिंग मेथड, स्टेजक्राफ्ट और टेक्निकल डिजाइन पर चर्चा करेंगे। दर्शकों के सवाल-जवाब और इंटरकल्चरल लर्निंग के लिए सहयोगी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
मीडिया को संबोधित करते हुए संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत इस पहल को व्यापक सांस्कृतिक एजेंडा का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा,
“भारत की अध्यक्षता में, ब्रिक्स कल्चर ट्रैक के जरिए सहयोग तीन जरूरी क्षेत्र पर केंद्रित है:
-कॉपीराइट, डिजिटल इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित कल्चरल और क्रिएटिव इंडस्ट्री में सहयोग को बढ़ावा देना;
-कल्चरल हेरिटेज की सुरक्षा को मज़बूत करना और कल्चरल प्रॉपर्टी की वापसी के लिए सहयोग करना; और
-क्लाइमेट रेजिलिएंस और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में कल्चर की भूमिका पर बातचीत को बढ़ावा देना।”
फेस्टिवल का उद्देश्य ब्रिक्स देशों की थिएटर कम्युनिटी के बीच आपसी सीख, प्रोफेशनल नेटवर्किंग और लंबे समय के सहयोग को बढ़ावा देना है। संस्कृति मंत्रालय के मुताबिक, ब्रिक्स कल्चर वर्किंग ग्रुप और ब्रिक्स देशों के कल्चर मिनिस्टर्स की बैठकों के जरिए पहले से चल रहे सांस्कृतिक सहयोग को थिएटर के माध्यम से आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में यह फेस्टिवल क्लासिकल, कंटेम्पररी और एक्सपेरिमेंटल थिएटर फॉर्म्स को एक साझा मंच देगा।
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD), जो संस्कृति मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्था है, इस पूरे आयोजन के लिए नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगा। फेस्टिवल के जरिए आयोजकों का लक्ष्य थिएटर को अलग-अलग देशों की सांस्कृतिक परंपराओं, वर्तमान कहानियों और रचनात्मक विचारों के बीच संवाद का माध्यम बनाना है। आयोजन से थिएटर कलाकारों और संस्थानों के बीच पेशेवर संपर्क बढ़ने के साथ ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी आगे बढ़ाने की उम्मीद है।

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