दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह 2026 की भव्य वापसी

राजधानी में सिनेमा प्रेमियों के लिए बड़ी खबर है। लंबे इंतज़ार के बाद दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह (DIFF) एक बार फिर भव्य रूप में लौट रहा है। 4 से 8 मई 2026 तक चलने वाला यह पांच दिवसीय आयोजन इस बार पहले से कहीं ज्यादा बड़ा और अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में नजर आएगा।


यह प्रतिष्ठित फिल्म समारोह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) और डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर (DAIC), जनपथ में आयोजित किया जाएगा। खास बात यह है कि समारोह में एंट्री पूरी तरह फ्री रहेगी, यानी आम लोग भी विश्व सिनेमा का आनंद आसानी से ले सकेंगे।

इस बार फेस्टिवल में 60 से ज्यादा देशों की 175 फिल्मों का प्रदर्शन होगा। साथ ही 100 से अधिक कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी दर्शकों को आकर्षित करेगी। आयोजकों का दावा है कि यह आयोजन सिर्फ फिल्म दिखाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक वैश्विक सांस्कृतिक संवाद का मंच बनेगा।

दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह 2026 की भव्य वापसी

समारोह का उद्घाटन दादा साहब फाल्के पुरस्कार विजेता दिग्गज फिल्मकार अडूर गोपालकृष्णन करेंगे। वहीं बंगाली सिनेमा के महान अभिनेता उत्तम कुमार की जन्मशती पर विशेष श्रद्धांजलि दी जाएगी, जो इस आयोजन का भावनात्मक पहलू भी जोड़ती है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई बड़े नाम इस बार शामिल होंगे। मोरक्को के फिल्मकार मोहम्मद आहेद बेन्सौदा को सम्मानित किया जाएगा और उनकी चर्चित फिल्म The Divorcees of Casablanca दिखाई जाएगी। वहीं बांग्लादेश की मशहूर गायिका रूना लैला को ‘मीनार-ए-दिल्ली अवार्ड’ और भारतीय संगीत जगत की जानी-मानी आवाज उषा उथुप को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया जाएगा।

फेस्टिवल में भारतीय सिनेमा की भी मजबूत मौजूदगी रहेगी। केतन मेहता, शर्मिला टैगोर, रेवती, रितुपर्णो सेनगुप्ता, राजपाल यादव, पियूष मिश्रा और रघुवीर यादव जैसे कलाकार और फिल्मकार इसमें शामिल होंगे। इसके अलावा लेबनान, अफगानिस्तान, ओमान, मिस्र और मोजाम्बिक जैसे देशों से भी कई अंतरराष्ट्रीय कलाकार शिरकत करेंगे।

इस बार रूस और चीन की फिल्मों पर खास फोकस रहेगा, जबकि अफ्रीकी सिनेमा को भी प्रमुखता दी जाएगी। आयोजन में वर्ल्ड सिनेमा, इंडियन सिनेमा, एनआरआई फिल्में, शॉर्ट फिल्म्स और डॉक्यूमेंट्री जैसी कई श्रेणियां बनाई गई हैं, ताकि दर्शकों को सिनेमा के हर रंग का अनुभव मिल सके।

फिल्मों का चयन फिल्म पत्रकार अनुराग पुनेठा, समीक्षक प्रमोद कौंसवाल और टीवी इंडस्ट्री से जुड़ी रीमा दिनेश कपूर ने किया है। वहीं ज्यूरी की अध्यक्षता रमन चावला करेंगे।

दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के संस्थापक रामकिशोर पारचा के मुताबिक, इस बार फेस्टिवल का मकसद सिर्फ फिल्में दिखाना नहीं, बल्कि सिनेमा और समाज के रिश्ते पर गंभीर चर्चा करना भी है। उनका कहना है कि यह मंच दुनिया भर के सिनेमा को जोड़ने और नए विचारों को सामने लाने का काम करेगा।

फिल्म समीक्षकों और दर्शकों के बीच इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय में समान नामों वाले आयोजनों से भ्रम जरूर पैदा हुआ, लेकिन DIFF को अब भी एक मौलिक और विश्वसनीय मंच माना जाता है।

कुल मिलाकर, दिल्ली एक बार फिर सिनेमा के रंग में रंगने के लिए तैयार है, जहां कहानियां सिर्फ पर्दे पर नहीं, बल्कि दुनिया भर की संस्कृतियों के बीच भी संवाद बनाएंगी।

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