तुलसीदास की नायिकाएं: शास्त्रीय नृत्य व आध्यात्मिकता का भव्य संगम

दिल्ली की सांस्कृतिक धरती एक बार फिर सजीव होने जा रही है, जब 31 जुलाई को शाम 6 बजे मंडी हाउस स्थित एलटीजी ऑडिटोरियम में ‘तुलसीदास की नायिकाएं – गरिमा और कृपा की प्रतिध्वनि’ नामक भव्य भरतनाट्यम नृत्य-प्रस्तुति मंच पर आएगी। यह आयोजन प्रसिद्ध नृत्यांगना गुरु सिंधु मिश्रा के संस्था

‘आयाम’ द्वारा, दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग के सहयोग से प्रस्तुत किया जा रहा है।

यह प्रस्तुति गोस्वामी तुलसीदास के रामचरितमानस से प्रेरित दो पौराणिक स्त्री पात्रों — सीता और पार्वती — की शक्ति, समर्पण और गरिमा की कहानी कहती है। प्रस्तुतियां कुशल भरतनाट्यम नृत्यांगनाओं अर्शिया माथुर और कृतिका कुमार द्वारा दी जाएंगी।

शाम की शुरुआत होगी नटेश कवुत्वम् से — भगवान शिव को समर्पित एक ऊर्जावान स्तुति, जिसे तंजावुर क्वार्टेट द्वारा रचित किया गया है और राग हंसध्वनि व ताल आदि में प्रस्तुत किया जाएगा।

इसके बाद दो प्रमुख वर्णम प्रस्तुत किए जाएंगे —

पहले में, अर्शिया माथुर रामचरितमानस के बालकांड का वह सुंदर दृश्य जीवंत करेंगी जिसमें सीता मिथिला की वाटिका में राम को देखकर देवी भवानी से उन्हें जीवनसाथी के रूप में प्राप्त करने की प्रार्थना करती हैं। यह रचना श्री नितिन शर्मा द्वारा रचित और गाई गई है, जो राग बागेश्री और तालमालिका में निबद्ध है।

दूसरी प्रस्तुति में, कृतिका कुमार पार्वती की तपस्या और उनके शिव को पाने के संकल्प को मंच पर लाएंगी। सप्तऋषियों की परीक्षा और पार्वती की दृढ़ता को दर्शाती यह प्रस्तुति राग सोनी बहार, शहाना-भीमपलासी और सिंधु भैरवी में रची गई है, ताल चौतस्र एकम् में। इसे भी श्री नितिन शर्मा ने स्वरबद्ध और गाया है।

कार्यक्रम का समापन होगा एक ऊर्जा से भरपूर तिल्लाना से — जो पूची श्रीनिवास अय्यंगार द्वारा रचित है, राग पारस और ताल आदि में। यह प्रस्तुति भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित होगी, जिसमें श्री नितिन शर्मा की हिंदुस्तानी संगीत रचना और श्री जी. इलंगोवन की कर्नाटिक गायकी का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

पूरे कार्यक्रम की कलात्मक निर्देशन एवं कोरियोग्राफी गुरु सिंधु मिश्रा ने की है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री श्री कपिल मिश्रा।

‘तुलसीदास की नायिकाएं’ न केवल एक सांस्कृतिक संध्या है, बल्कि यह शास्त्रीय नृत्य, संगीत और अध्यात्म का दुर्लभ संगम है, जो दिल्ली के दर्शकों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगा।

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